महाराष्ट्र में विरोध-प्रदर्शन
ज़ुबैर अहमदबीबीसी संवाददाता, मुंबई
अबतक की हिंसक घटनाओं में 100 से भी ज़्यादा वाहनों को नुकसान पहुँचा है
भारत के राज्य उत्तरप्रदेश में अंबेडकर प्रतिमा से छेड़छाड़ के विरोध में महाराष्ट्र में दलित समाज के कई लोग सड़कों पर उतर आए हैं और विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं.
इस विरोध-प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा में अबतक तीन लोगों की मौत हो चुकी है.
राज्य के उस्मानाबाद ज़िले में हुई हिंसा में एक प्रदर्शनकारी की मौत हो गई है. बताया जा रहा है कि इस व्यक्ति की मौत पुलिस की ओर से की गई गोलीबारी के कारण हुई.
इस बाबत महाराष्ट्र के पुलिस प्रमुख पीएस पसरीचा ने बीबीसी को बताया कि विरोध-प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए क़रीब 1500 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है ताकि स्थितियों पर काबू पाया जा सके.
बाद में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने बताया कि राज्य भर में बुधवार से जारी हिंसा में अबतक तीन लोगों की मौत हो गई है.
उन्होंने बताया कि इस दौरान 100 से भी ज़्यादा वाहनों को नुकसान पहुँचा है और क़रीब 50 लोग घायल हो गए हैं. घायलों में क़रीब 30 पुलिसकर्मी और 20 प्रदर्शनकारी शामिल हैं.
विवाद की वजह
ग़ौरतलब है कि मंगलवार की देर रात उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर में कुछ असामाजिक तत्वों ने दलित चिंतक बाबा साहेब अंबेडकर की प्रतिमा को तोड़ दिया था.
महाराष्ट्र में एक रेलगाड़ी में आग लगाने की ख़बर मिली है
जब बुधवार की सुबह लोगों ने अंबेडकर की प्रतिमा को खंडित पाया तो दलित समाज के कई लोगों ने इसे लेकर विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया.
इस दौरान कई जगहों पर हिंसक झड़पें हुईं. ज़िले से पथराव और आगजनी की भी ख़बरें मिली थीं.
विरोध-प्रदर्शनों का दौर यहीं नहीं थमा और इसी मुद्दे को लेकर महाराष्ट्र राज्य में गुरुवार को बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन किया जा रहा है.
ग़ौरतलब है कि इससे कुछ दिनों पहले ही राज्य में एक दलित परिवार के चार सदस्यों की हत्या का मामला सामने आया था. इसके बाद भी राज्य भर में कई दिनों तक विरोध-प्रदर्शन होता रहा था.
नई मूर्ति
उधर लखनऊ से बीबीसी संवाददाता ने बताया है कि उत्तरप्रदेश पुलिस ने कुछ लोगों को बाबा साहेब अंबेडकर की प्रतिमा से छेड़खानी करने के शक के आधार पर हिरासत में ले लिया है.
साथ ही प्रशासन ने उस मूर्ति को भी हटा दिया है जिसे क्षति पहुँचाई गई थी. इसकी जगह पर नई प्रतिमा स्थापित कर दी गई है.
कानपुर के पुलिस प्रमुख प्रेमचंद मीना ने बताया कि इस मामले में अभी तक पाँच लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है.
हालांकि इस सिलसिले में जाँच का काम अभी जारी है और किसी की भी औपचारिक गिरफ़्तारी नहीं किया जा सकी है।
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Thursday, November 30, 2006
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